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वर्चुअल डाइस रोलर

वर्चुअल डाइस रोलर

यह ऑनलाइन डाइस रोलर अनियमित संख्या पीढ़ी का इस्तेमाल करते हुए, हर उपयोगी अनुप्रयोगों के साथ एक डिजिटल डाइस रोलिंग का अनुभव बनाता है।

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विषयसूची

  1. प्राचीन दुनिया में डाइस
  2. डाइस निषेध और पूर्वाग्रह
  3. डाइस विफलता के सबसे शानदार उदाहरण
  4. ऐतिहासिक डाइस खेल
  5. डाइस हेरफेर
  6. डाइस सुनिश्चितता
  7. डाइस क्षेत्रीय विशेषताएं
  8. ज़्यादा चेहरों के साथ डाइस
  9. परिणामों की अनियमिता
  10. वर्चुअल डाइस रोलर्स का परिचय
  11. अधिकतम सुविधा और बहुमुखी प्रतिभा
  12. इस डाइस रोलर का उपयोग करने के सुझाव

वर्चुअल डाइस रोलर

यह डाइस रोलर डिजिटल रूप में वास्तविक डाइस का अनुरूप है। चाहे कोई खेल खेलना हो, शर्त लगानी हो, या सिर्फ मनोरंजन के लिए हो, वर्चुअल डाइस रोलर आपको सेकंडों में 100% अनियमित ढंग से उत्पन्न परिणाम दे सकता है। बोनस के रूप में, आप डाइस की संख्या का चयन कर सकते हैं।

अगर आपके लिए छह-पक्षीय डाइस को रोल करना पर्याप्त नहीं है, तो एक और विशेषता है जहाँ आप अपने डाइस पर पक्षों की संख्या भी बदल सकते हैं। समभावनाएँ अनन्त हैं, जैसा कि हर रोल का संभावित जोड़ और परिणाम हैं।

आभासी पासा

प्राचीन दुनिया में डाइस

डाइस मानवता के लिए ज्ञात सबसे पुरानी खेल की वस्तुओं में से एक है। लेकिन प्राचीन समय में लोग डाइस का इस्तेमाल मुख्य रूप से भविष्यवाणी और धार्मिक संस्कारों के लिए करते थे। और फिर डाइस खेलना मनोरंजन का एक साधन बन गया।

प्राचीन समय में, लोगों का मानना था कि डाइस और उनके जैसी अन्य वस्तुओं को उछालकर खेलने का परिणाम देवताओं ने तय किया है। रोमनों के डाइस फेंकने की देखरेख बृहस्पति की बेटी देवी फोर्टुना करतीं थीं। भारतिय भगवान शिव और पार्वती को भाग्य का स्वामी मानते थे।

लोग डाइस के साथ काफी गंभीर मामलों का फैसला करते थे, जैसे विरासत, सिंहासन या भूमि विभाजन प्राप्त करना। फसल या सैन्य अभियान क्या होगा, इसका अनुमान लगाते समय डाइस के घूमाने पर भरोसा किया जाता था।

निश्चित रूप से, यह अज्ञात है कि दुनिया में सबसे पहले डाइस कब और कहाँ दिखाई दिया। इसके बारे में अलग-अलग राय हैं। एक संस्करण के अनुसार, ट्रॉय की घेराबंदी के दौरान ग्रीक पालामेड्स द्वारा उनका आविष्कार किया गया था, जो 10 साल तक चला था। कुछ लोग कहते हैं कि डाइस का आविष्कार लिडा के प्राचीन देश में राजा एटिस के शासनकाल के दौरान हुआ था। उस समय, भीषण अकाल के दौरान, जुए ने लोगों को उनकी परेशानियों से ध्यान हटाने में मदद की।

पुरातत्वविदों के खोज हमें बताते हैं कि कई संस्कृतियों में डाइस स्वतंत्र रूप से दिखे हैं। डाइस की उत्पत्ति और आविष्कार की तारीख़ के लिए कोई भी एकमात्र स्रोत नहीं हो सकता है।

2000 के दशक की शुरुआत में, ईरानी पुरातत्वविदों ने शहर-ए-सुखतेह में अब तक का सबसे पुराना डाइस खोजा। शोध से पता चला कि ये डाइस करीब 5200 साल पुराने हैं। वैसे, ये डाइस आज के दौर में उपयोग किए जाने वाले डाइस के समान थे। उनके निशान और षट्कोणीय (हेक्सैगनल) आकार दोनों ही समान थे।

मिस्र और सुमेरियन मकबरों में प्राचीन डाइस पाए गए हैं। हालाँकि, वे दो तरफा थे और लुढ़कने पर केवल दो संभावनाएँ दे सकते थे। डाइस के खेल में लोग एक बार में एक से ज़्यादा डाइस का इस्तेमाल कर सकते थे। मिस्रवासी खेल सेनेट में चार चपटी छड़ियों का इस्तेमाल करते थे। जिन्हें एक तरफ रंगा जाता था और उन्हें "उंगलियाँ" कहा जाता था। प्राचीन मिस्र में छह पक्षों वाले घन(क्यूब) डाइस थे, हालांकि लोग उनका इस्तेमाल खेलों के लिए नहीं बल्कि पंथ और धार्मिक गतिविधियों के लिए करते थे। सेनेट 3000 ईसा पूर्व पहले से लेकर दूसरी शताब्दी ई. तक खेला गया था।

आम तौर पर लोकप्रिय छह-पक्षीय D6 के विपरीत, दो तरफा डाइस को D2 लेबल किया गया है। वैसे, हम आज भी दो-तरफा सिक्के को उछालकर D2 डाइस के समान उपयोग कर सकते हैं।

प्राचीन काल के कई संस्कृतियों में सिक्का उछालने का खेल खेला जाता था। रोमनों ने हैड्स ओर शिप्स (कैपिटा ऑट नविया) का खेल खेला। इसका यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि सिक्कों के एक तरफ देवताओं और शासकों के सिर और दूसरी तरफ जहाजों के चित्रण हुआ करते थे।

सिक्कों के खेल के नियम आज के नियमों से अलग थे। रोमन हमारी तरह भविष्यवाणी नहीं करते थे कि सिक्के का कौन सा पक्ष जीतेगा, जैसा हम आज करते हैं। किन्ही एक कलाकार के पास "हैड" होता था, क्योंकि महाराज "हैड" की तरफ होते थे, इसलिए यह माना जाता था कि वह विजेता का समर्थन करेंगे। जिसके पास "शीप्स" आता था वह हार जाता था।

बाद में चार-तरफा डाइस खेल की संस्कृति में प्रवेश हुआ। 18 वीं और 16 वीं शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास, हिक्सोस की ख़ानाबदोश जनजाति मेसोपोटामिया से मिस्र पहुंची और उनका इसतेमाल करना शुरू कर दिया। चतुष्फलकीय (टेट्रहीड्रल) पहले से मौजूद जुए के उपसाधकों के साथ जुड़ गया और जल्द ही उस युग की खेल संस्कृति का हिस्सा बन गया। सेनेट खेलने के लिए, मिस्र के लोगों ने बोर्ड और दो तरफ़ी छड़ी का इस्तेमाल किया। बोर्ड के पिछले हिस्से पर मिस्रवासियों ने खेल टिआउ के लिए मैदानों का बनाना शुरू किया, इसमें चार-तरफा डाइस का इस्तेमाल किया जाता था।

यूनानियों और रोमियों ने धार्मिक संस्कारों के साथ-साथ खेलों में भी डाइस का इस्तेमाल किया।

टैली और टैसरे डाइस प्राचीन ग्रीस और रोम में लोकप्रिय थे। चतुष्फलकीय (टेट्रहीड्रल) टैली अपने चार विस्तारित चेहरों पर लिखे गए नंबर 1, 3 और 6 के साथ लंबे डंडे के समान थी। टैसरे हमारे आधुनिक षट्कोणीय (हेक्सैगनल) क्यूबिक डाइस की तरह दिखता था।टैली और टैसरे को हिला कर एक कटोरे से फेंक जाता था जिनका नाम फ्रिथिलम, पाइर्गस या टर्रिक्युला था।

टैली का खेल खेलने के लिए चार डाइस का इस्तेमाल किया जाता था। खिलाड़ी के लिए सबसे अच्छा परिणाम तब आता जब हर डाइस एक अलग संख्या प्रदर्शित करता। टैसरे के खेल को खेलने के लिए तीन डाइस का इस्तेमाल किया जाता था, और तीन छक्के सबसे अच्छा परिणाम माने जाते थे। यूनानि केवल दो डाइस से खेलते थे।

जब सिकंदर महान ने अपने साम्राज्य का विस्तार करना शुरू किया, तो 6-तरफा डाइस एशिया और भारत में लोकप्रियता हासिल करने लगा। इन चतुष्फलकीय (टेट्रहीड्रल) डाइस का इस्तेमाल प्राचीन भारतीय शतरंज के खेल चतुरजा में यह चुनने के लिए किया जाता था कि कौन सा टुकड़ा आगे बढ़ेगा।

चतुष्फलकीय (टेट्रहीड्रल) डाइस यूरोप के उत्तर में XX सदी के मध्य तक डाल्डोस और सहक्कू खेलों में इस्तेमाल किया गया था।

प्रतिष्ठ षट्कोणीय (हेक्सैगनल) डाइस ग्रीस और रोम में बहुत लोकप्रिय हो गया। ग्रीस और रोम में, ऐसे घन हड्डी, कांस्य, सुलेमानी, क्रिस्टल, गोमेद, अलबास्टर, संगमरमर और एम्बर से बने होते थे। ये घन लगभग हमारे आधुनिक घनों के समान थे।

डाइस निषेध और पूर्वाग्रह

समय के साथ, रोमनों ने एक ज़बरदस्त जुआ संस्कृति विकसित कर ली। जिसके परिणामस्वरूप, जुए को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया क्योंकि कुछ रोमियों के लिए यह एक बहुत मजबूत लत का कारण बन गया था। इस तरह का यह पहला कानून तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में लागू किया गया। रात में जागे रहने के लिए केवल पहरेदारों को इसे खेलने की आज्ञा थी।

कानूनों में एक नियम यह था कि जो लोग अपने घर में जुआ खेलने की आज्ञा देते हैं, वे धोखाधड़ी या पीटे जाने पर मुकदमा नहीं कर सकते हैं। केवल सैटर्नलिया में, दिसंबर के कृषि उत्सव के दौरान रोम में जुआ कानूनी था।

रोमन साहित्य के "स्वर्ण युग" के दौरान रहने वाले एक प्राचीन रोमन कवि होरेस ने घोड़ों की सवारी करने के बजाय डाइस खेलने में अपना समय बर्बाद करने के लिए अपने समय के युवाओं का मज़ाक उड़ाया।

चौदहवीं शताब्दी के अंत तक कैथोलिक चर्च द्वारा डाइस खेलना निषिद्ध था। उस समय ईसाई धर्म में, डाइस यीशु मसीह के अपमान से जुड़ा हुआ था। इवेंजलिकलस याद करते हैं कि कैसे यीशु को सूली पर चढ़ाए जाने के बाद रोमन सैनिकों ने उनके कपड़ों से डाइस खेला था।

डाइस विफलता के सबसे शानदार उदाहरण

लत से ग्रस्त लोगों के लिए, डाइस बहुत लत्कारी था। जुआ ने लोगों की किस्मत छीन ली और लोगों को पाई-पाई जुआ में लगाने पर मजबूर कर दिया। डाइस खेलते समय, इंग्लैंड के राजा हेनरी VIII ने सेंट पॉल कैथेड्रल की घंटियाँ तक गंवा दीं।

अपने आचरण की सफाई के लिए राजा ने घंटियों के महत्व को कम करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा, वे सिर्फ धातु के टुकड़े थे, जिनका कोई विशेष महत्व नहीं था। सर माइल्स पार्ट्रिज ने राजा से यह घंटियाँ जीती थीं। लेकिन उन्हें प्राप्त करने के तुरंत बाद, राजा हेनरी VIII ने उन पर राजद्रोही होने का आरोप लगाया और सर माइल्स पार्ट्रिज को सार्वजनिक रूप से फांसी देने का आदेश दिया।

अपनी सेना का फ्रांस में पुनः कब्ज़ा किए जाने वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, राजा हेनरी VII ने अपने सैनिकों के जुआ खेलने पर रोक लगा दी। परन्तु, क्योंकि वे अपने दांव लगाने के लिए लंडन के सट्टेबाज़ों के साथ मिलकर काम करते थे, उन्होंने उन पर कभी निशाना नहीं साधा।

नार्वे के राजा ओलफ II द होली और स्वीडिश राजा ओलोफ ने ग्यारहवीं शताब्दी में डाइस का एक दिलचस्प खेल खेला। उस दौरान, वे समाधान कर रहे थे कि हिसिंगेन द्वीप का विभाजन कैसे किया जाए। जब बातचीत से कोई निर्णय नहीं निकला तो उन्होंने डाइस खेलकेर विवादित क्षेत्र का हल निकालने का फैसला किया।

स्वीडिश और नॉर्वेज़ियन राजाओं ने सबसे सरल खेल "ज़्यादा/कम" खेला। खिलाड़ी दो या तीन डाइस लुड्काएंगे और जिस खिलाड़ी के डाइस के अंक सबसे ज़्यादा आएंगे वह शर्त जीत जाएगा।

स्वीडिश राजा ने दो छक्के फेंके और पहले ही मान लिया कि वह जीत चुके हैं। नॉर्वे के राजा ओलफ ने डाइस को इतनी ताकत से फेंका कि उनमें से एक टूट गया। टूटे हुए डाइस के टुकड़ों में अभी भी अंक 1 और 6 थे, दोनों डाइस में कुल 13 अंक थे। राजा ओलफ के डाइस को, खेल देख रहे हर दर्शक ने जीत के रूप में स्वीकारा। हिसिंगेन द्वीप अंततः नॉर्वे के पास गया।

डाइस में हारने का एक और प्रसिद्ध उदाहरण महाभारत, एक प्राचीन भारतीय महाकाव्य में पाया जा सकता है। नायक शकुनि और राजा युधिष्ठिर के बीच डाइस के खेल का वर्णन एक अध्याय में किया गया है। पुराण कथा के अनुसार शकुनि अपने भतीजे दुर्योधन से बेहद प्रेम करता था। दुर्योधन की हस्तिनापुर की यात्रा के दौरान, राजा युधिष्ठिर की पत्नी, द्रौपदी ने मेहमान का अटपटा होने के लिए अभद्र ढंग से मज़ाक उड़ाया। शकुनि ने अपने भतीजे का बदला लेने का फैसला लिया। मिथक हमें बताते हैं कि खेलने के लिए उसने अपने पिता की जांघ की हड्डियों का इस्तेमाल किया था। इसलिए उनके पास हमेशा वही अंक आते थे जो वे चाहते थे।

कुछ खेलों के बाद, राजा युधिष्ठिर ने अपने भाइयों और अपनी पत्नी द्रौपदी को खेल में खो दिया। खेल की शर्तों के तहत, उन्हें और उनकी प्रजा को 12 साल के लिए जंगल में वनवास में जाना पड़ा था।

ऐतिहासिक डाइस खेल

सभी डाइस खेल एक पूर्व निर्धारित परिणाम को फेंकने की कोशिश कर रहे खिलाड़ी के इर्द-गिर्द घूमते हैं। अगर वह सफल होता है, तो वह अंक अर्जित करता है और फेंकता रहता है। अगर नहीं, तो उसके प्रतिद्वंद्वी को अगली बारी मिलती है। मध्य युग में, अलग-अलग खेलों में इस सिद्धांत का इस्तेमाल किया जाता था - लैंडस्कनेट, पिग, आदि। वे शूरवीरों, पहरेदारों, छात्रों, भिखारियों और यहाँ तक कि जेलों में कैदियों द्वारा भी खेले जाते थे।

गेम हाउस ऑफ हैप्पीनेस (ग्लुक्सहॉस) जर्मनी में मशहूर था। इस खेल को एक बार में पांच या छह खिलाड़ी खेल सकते थे।खेल में दो छह-पक्षीय डाइस और एक विशेष बोर्ड का इस्तेमाल किया गया था। खिलाड़ी एक खाली मैदान में एक सिक्का रखता है, अगर फेंकने का परिणाम यह संकेत देता है, और मौजूदा क्षेत्र में से एक सिक्का हटा देता है। बोर्ड के हर क्षेत्र के अपने अनूठे नियम थे। सातवें क्षेत्र को "वैडिंग" कहा जाता था और जब कोई खिलाड़ी इससे टकराता था, तो वह हमेशा उसमें अन्दर एक सिक्का छोड़ देता था। अगर डाइस में दो का संयोजन आता है, जिसे "लक्कि पिग" कहा जाता था, तो खिलाड़ी "वैडिंग" को छोड़ बाकी सभी क्षेत्रों में से सिक्के लेगा। अगर डाइस 4 के संयोजन को लुड़काता है, तो खिलाड़ी बोर्ड के मालिक को एक सिक्का देगा। जब डाइस 12 के संयोजन को फेंकता है जिसे "किंग" कहा जाता था तो खिलाड़ी "किंग" बन जाता था और सब कुछ पाने का हकदार बन जाता था।

क्रेप्स का खेल पहली बार 18 वीं शताब्दी में न्यू ऑरलिन्स में दिखाई दिया। यह भी दो छह-पक्षीय डाइस का इस्तेमाल करता है।

खेल को दो मुख्य चरणों में बांटा जा सकता है: खिलाड़ी का पहला रोल (कम आउट रोल) और गेम पॉइंट्स (पोइंट रोल) की संख्या स्थापित करने के बाद रोल। खेल का परिणाम खिलाड़ी के डाइस के रोल से तय होता है।

  • अगर 2, 3, या 12 रोल होता है, तो क्रेप्स स्थिति घोषित की जाती है। खिलाड़ी हार जाता है और दूसरे खिलाड़ी को डाइस देता है।
  • अगर 7 या 11 रोल होता है, तो स्वाभाविक स्थिति घोषित की जाती है, खिलाड़ी जीत जाता है और उसे फिर से रोल करने का अवसर मिलता है।
  • अगर 4, 5, 6, 8, 9 और 10 की संख्याएँ रोल होती हैं, तो यह संख्या पॉइंट कहलाती है। खेल अपने अगले चरण में जाता है – पोइंट रोल।

खिलाड़ी पॉइंट रोल चरण के दौरान डाइस को तब तक घुमाता है जब तक कि वह पहले चरण के दौरान पॉइंट संख्या या 7 सेट पर नहीं आ जाता। अगर वह पहले चरण में संख्या का सही अनुमान लगाता है तो खिलाड़ी जीत जाता है और खेल फिर से शुरू हो जाता है। अगर 7 अंक लुढ़के तो खिलाड़ी हार जाता है और डाइस फेंकने का अवसर दूसरे खिलाड़ी को देता है।

क्रेप्स गेम्स में डाइस को नियमों के अनुसार ही फेंकना होता है। उन्हें मेज़ के दूसरे छोर पर बोर्ड पर उतरना था और केवल एक हाथ से फेंका जा सकता था।

ज़्यादा कठिन नियमों वाले डाइस खेलों में पोकर डाइस, यॉट, जेनरल, क्राउन और एंकर शामिल हैं। उन्होंने एक विशेष मेज़ और पांच डाइस का इस्तेमाल किया। कार्ड पोकर और डाइस पोकर काफी हद तक समान थे।

प्राचीन चीनी खेल में सिक-बो खिलाड़ी आगामी रोल के परिणाम पर दांव लगाते हैं, जो आधुनिक रूले के समान है।क्रुपियर डाइस को एक टोपी के आकार के अपारदर्शी यांत्रिक उपकरण में रखता है और उन्हें टॉस करता है। सभी दांव लगाने के बाद, डाइसहटा दिया जाएगा और संख्याएँ देखे जा सकें।

आधुनिक रूले का इतिहास भी कुछ हद तक डाइस से जुड़ा है, विशेष रूप से कताई डाइस टीटोटम से।

एक फ्रांसीसी गणितज्ञ ब्लेज़ पास्कल ने 36 रूले सेक्टर बनाने के लिए गणनाओं का इस्तेमाल किया। 36 टिकटों के साथ, उन्होंने बिंगो जीतने की संभावना की गणना की, और उनके निष्कर्षों ने रूले पद्धति की नींव के रूप में कार्य किया। पहले कैसीनो के डिज़ाइनर, भाइयों फ्रैंसीओस और लुई ब्लैंक ने सेक्टर शून्य तैयार किया।

याहत्ज़ी आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय डाइस खेलों में से एक है।

माना जाता है कि इस खेल के नियमों का आविष्कार कैनेडा के एक जोड़े ने समुद्र में एक नौका पर छुट्टी के दौरान किया था। इस दंपति को यह खेल इतना पसंद आया कि उन्होंने बड़े पैमाने पर उत्पादन करने के प्रस्ताव के साथ उद्यमी एडविन लोव से संपर्क किया। एडविन लोव सहमत हुए और याहत्ज़ी के सर्वाधिकार को खरीद लिया। पहला याहत्ज़ी गेम सेट 1956 में जारी किया गया था।

खेल का उद्देश्य विशिष्ट संयोजनों में पांच छह-पक्षीय डाइस घुमाकर अंक जमा करना है। एक बार में डाइस को तीन बार फेंका जा सकता है। उसी समय, खिलाड़ी को निश्चित डाइस संयोजन बनाना होत है। खेल को तेरह राउंड में बांटा गया है। सबसे ज़्यादा अंक वाला खिलाड़ी जीत जाता है।

डाइस हेरफेर

यहाँ तक कि प्राचीन डाइस के साथ, आप देख सकते हैं कि कैसे उनके रचनाकारों ने रोल के परिणाम को प्रभावित करने के लिए डाइस बदलने की कोशिश की है। उन्होंने उसे तेज़ किया, थोड़ा लम्बा कर दिया, सीसे से भर दिया, उनके किनारों को अंदर या बाहर की ओर कर दिया। इन उत्पादकों ने गुरुत्वाकर्षण के केंद्र को स्थानांतरित करने कि कोशिश की। अब आप देख सकते हैं कि खिलाड़ी कैसे हड्डी को जोर से हिला सकते हैं यह जाँचने के लिए कि क्या उसके गुरुत्वाकर्षण के केंद्र को बदल दिया गया है।

पेशेवर खिलाड़ी मन चाहा परिणाम पाने के लिए अपने फेंकने की तकनीक को सुधारते हैं। अगर आप मेज़ के समानांतर डाइस को घुमाते हैं, तो शीर्ष किनारा ऊपर रहेगा, जिससे जाइरोस्कोप प्रभाव डाइस को पलटने से रोकेगा।

अगर मेज़ की सतह फिसलन भरी है, तो क्यूब लुढ़कने के बजाय फिसल सकता है। इस मामले में, वांछित संख्या ऊपरी किनारे पर रहेगी।

प्राचीन रोमियों ने चतुर डाइस फेंकने की रणनीतियों का मुकाबला करने के लिए एक टरिकुला का इस्तेमाल किया। डाइस को एक खोखली मीनार के अंदर झुकी हुई प्लेटों के साथ घुमाया जाता था। ऐसी संरचनाओं को आधुनिक समय में "डाइस टावर" के रूप में जाना जाता है।

डाइस सुनिश्चितता

अगर हर पक्ष के ऊपरी तरफ पर आने की समान संभावना हो, तो डाइस को "परिशुद्ध" माना जाता है। कुछ हद तक, सभी उत्पादित डाइस का आकार कुछ हद तक अपूर्ण होता है।

कैसीनो के लिए, सबसे सटीक डाइस का उत्पादन किया जाता है। इन डाइस के लिए, एक इंच के 1/2000वें भाग से ज़्यादा की पसली की लंबाई की गलती की आज्ञा नहीं है। ठीक से छेनी वाले किनारों के अलावा डाइस का संतुलित होना भी ज़रूरी है।

डाइस पर बिन्दु लगाते समय विशिष्ट दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है। विपरीत पक्षों की संख्याओं का जोड़ 7 होना चाहिए। अंक 1 और 6, 2 और 5, और 3 और 4 को विरोधी पक्षों पर रखा जाना चाहिए। अगर डाइस के 1-2-3 पक्ष वामावर्त हों, तो डाइस को दाएँ कहा जाता है; और अगर डाइस पर निशान वामावर्त हैं, तो डाइस को बाईं कहा जाता है। आमतौर पर, पश्चिम में दाएँ डाइस और पूर्व में बाएँ डाइस का इस्तेमाल किया जाता है।

बिन्दुओं को 17/1000 इंच की गहराई तक ड्रिल किया जाना चाहिए और पेंट से भरा जाना चाहिए।

नुकीले किनारों और कोनों वाले डाइस महंगे कैसीनो के लिए बनाए जाते हैं। वे अक्सर प्लास्टिक की छड़ी से हाथ से बनाए जाते हैं। इस तरह के डाइस को पेंट से चिह्नित किया जाता है, जिसका वज़न प्लास्टिक के समान होता है। नतीजतन, यह संतुलन नहीं बदलते हैं।

इस तरह के डाइस को कसीनो के प्रतीक चिन्ह के साथ चिह्नित किया जाता है और धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक विशेष क्रमिक संख्या होती है। डाइस पारदर्शी प्लास्टिक से बनता है। इस तरह खिलाडी को डाइस पर कोई बाहरी सामग्री या आइटम नहीं दिखेंगे।डाइस के अंदर डाले गए चुम्बक को धोखा देने के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, मेज़ के ऊपरी स्तर में विद्युत चुम्बक को छिपाया जा सकता है।

कसीनो के लिए विशेष डाइस का इस्तेमाल करने से पहले उनका परीक्षण किया जाता है। विशेषज्ञ 100 से 200 बार रोल करते हैं और गिराए गए परिणामों की पुष्टि करते हैं। अगर यह पता चलता है कि परिणाम पक्षपाती हैं तो डाइस को अस्वीकार कर दिया जाता है।

पारंपरिक बोर्ड खेलों के लिए, डाइस मशीन पंचिंग द्वारा बनाए जातें हैं। उत्तम सटीकता की कोई ज़रूरत नहीं होती है।

डाइस क्षेत्रीय विशेषताएं

एशियाई डाइस पर, अंक गहरे, बड़े होते हैं, और वे एक दूसरे के करीब स्थित होते हैं। दूसरी तरफ छह बिंदुओं को संतुलित करने के लिए, 1 के मान वाले एक बिंदु को बड़ा किया जाता है।

पहलू पर चार बिंदु एशियाई देशों में अक्सर लाल रंग के होते हैं। चीनी में चार (四) के लिए शब्द वास्तव में "मृत्यु" (死) जैसा लगता है और इसलिए इसे बुरा माना जाता है। लाल, भाग्य का रंग, बुरे ऊर्जा को बेअसर करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

ज़्यादा चेहरों के साथ डाइस

भूमिका निभाने वाले खेलों के आने से डाइस विकल्पों की विविधता में वृद्धि हुई है। प्रसिद्ध गेम डंजियन्स एंड ड्रैगन्स के मानक सेट से डाइस में टेट्राहेड्रोन (D4), क्यूब (D6), ऑक्टाहेड्रोन (D8), डोडेकेहेड्रॉन (D12), और आईकोसाहेड्रोन (D20) शामिल हैं। एक डाइस रोल करना इस खेल में अनियमित घटनाओं का अनुकरण करता है।

इस तरह के खेल दो डिकेहेड्रोन के साथ "प्रतिशत" डाइस का उपयोग कर सकते हैं, जिनमें से एक टेंस और अन्य यूनिट को परिभाषित करता है। स्थिर डाइस इस घन का अधिक परिष्कृत रूप है। यह एक पारदर्शी घन है जिसके अंदर एक और छोटा घन होता है। ऐसा डाइस एक ही रोल से दो परिणाम दे सकता है।

परिणामों की अनियमिता

अनुभवी जुआरी अच्छी तरह से जानते हैं कि कुछ डाइस रोल दूसरों की तुलना में अधिक अंक प्राप्त करते हैं। जैरलैमो कार्डानो, निकलो फोंटाना टार्टालिया और गैलिलीयो गैलिले जैसे गणितज्ञों ने 16वीं और 17वीं शताब्दी में पासा संख्याओं पर गणना की। यह पता चला कि दो हेक्सागोनल डाइस के साथ खेलते समय, 7 अंकों का योग दूसरों की तुलना में अधिक बार दिखाई देता है।

अंक S के विशिष्ट योग की प्रायिकता P की गणना करना कठिन नहीं है।

  • दो पॉइंट्स एक तरह से गिर सकते हैं: (1,1), इसलिए P{S=2} = 1/36।
  • तीन पॉइंट्स दो तरह से गिर सकते हैं: (1,2) और (2,1), इसलिए P{S=3} = 2/36।
  • चार अंपॉइंट्स तीन तरह से गिर सकते हैं: (1,3), (2,2) और (3,1), क्रमशः, P{S=4} = 3/36।
  • उच्चतम संभावना सात पॉइंट्स है। इस राशि की गणना छह तरीकों से की जा सकती है: (1,6), (2,5), (3,4), (4,3), (5,2), (6,1)। इसलिए, सात अंक प्राप्त करने की संभावना P{S=7} = 6/36 = 1/6 है।

तीन डाइस परिणामों के आंकड़े और भी जटिल साबित हुए। जब ऑर्डर को ध्यान में रखा जाता है तो 216 विभिन्न संसंयोजन परिणाम पाए गए। संयोग और संभाव्यता की अवधारणाओं के लिए वैज्ञानिक तरीकों को लागू करने के कारण, डाइस का रहस्य गायब हो गया।

संयोजन और संभाव्यता सिद्धांत के पहले प्रमेय को फ्रांसीसी गणितज्ञों ब्लेज़ पास्कल और पीएर द फ़र्मेट द्वारा अनियमित संख्याओं के हार्डवेयर जनरेटर के रूप में डाइस का उपयोग करके तैयार और सिद्ध किया गया था। उनकी खोजों ने आधुनिक गणित, सांख्यिकी और अर्थशास्त्र की नींव स्थापित करने में मदद की।

वर्चुअल डाइस रोलर्स का परिचय

"डाइस सिम्युलेटर" या वर्चुअल डाइस रोलर का उपयोग करने का विचार कंप्यूटिंग के शुरुआती दिनों का है। मनुष्य हमेशा "संयोग के कार्य" में रुचि रखता है। इसलिए, जब किसी सॉफ़्टवेयर या गेम में पूरी तरह से अनियमित संख्या के निर्माण की ज़रूरत हुई, तो प्रोग्रामर ने डाइस रोलर्स का उपयोग करना शुरू कर दिया।

पहले उदाहरणों में से 1980 में CLOAD द्वारा प्रकाशित एक कंप्यूटर गेम डंजियन्स एंड ड्रैगन्स था। जैसा कि वास्तविक जीवन के खेल में होता है, खिलाड़ियों को यह जानने के लिए डाइस रोल करने का काम सौंपा जाता है कि क्या कोई विशेष परिणाम सफल रहा है। उदाहरण के लिए, एक खिलाड़ी यह जानना चाह सकता है कि क्या तलवार के वार में किसी राक्षस को मारने जितनी शक्ति है या कि उनके चरित्र में खजाने को अनलॉक करने की बुद्धि है।

क्योंकि कंप्यूटर गेम वास्तविक दुनिया में फेंके गए पासा के साथ शामिल नहीं कर सकते हैं, गेम मैकेनिक्स अनियमित संख्या कैलकुलेटर पर बहुत अधिक भरोसा करते हैं। वे प्रत्येक खेल की प्रोग्रामिंग के भीतर गहरे छिपे हुए हैं। लेकिनये सभी परिणाम एक वर्चुअल डाइस रोलर द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। एक और उदाहरण कैसीनो में "संयोग का खेल" है।

हालांकि पासा जितना उपयोगी हो सकता है, फिर भी वे छोटे होते हैं और इसलिए, आसानी से खो सकते हैं। बेशक, आपको डंजियन्स एंड ड्रैगन्स जैसे गेम खेलने के लिए सही पासे की ज़रूरत होगी।

लेकिन आप वर्चुअल डाइस रोलर का उपयोग करके इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।डाइस रोल करने के लिए आप अपने फोन, लैपटॉप या टैबलेट का उपयोग कर सकते हैं।

अधिकतम सुविधा और बहुमुखी प्रतिभा

इस डिजिटल डाइस कैलकुलेटर की सबसे अच्छी बात यह है कि यह खेल की परवाह किए बिना अधिकतम सुविधा प्रदान करता है। "डाइस राशि" विकल्प में अधिकतम 100 व्यक्तिगत डाइस हैं। इस बीच, आप द्वितीयक फ़ंक्शन का उपयोग करके अनंत संख्या में डाइस बना सकते हैं। इसलिए, अगर, तर्क के लिए, आप यह देखना चाहते हैं कि अगर आप 100,000,000 सइड्स के साथ एक डाइस को रोल करते हैं तो क्या होता है, आप इसे अपने माउस के कुछ क्लिक के साथ कर सकते हैं।

इस डाइस रोलर का उपयोग करने के सुझाव

हमारे वर्चुअल डाइस रोलर से सबसे अधिक लाभ उठाना चाहते हैं? निम्नलिखित सुझावों को देखें।

  • बस इस्तेमाल किए गए डाइस की संख्या को बदलने से खेल को और अधिक मनोरंजक बनाया जा सकता है। याहत्ज़ी खेलने के लिए पाँच डाइस का उपयोग करने के बजाय, "दोगुना राउंडस” करने का प्रयास करें और एक बार में दस डाइस रोल करें!

  • आप मुख्य डाइस रोलर के साथ एक बार में 100 डाइस तक रोल कर सकते हैं। इस कैलकुलेटर में एक विज़ुअलाइज़ेशन शामिल है, जिससे आप परिणामों को ठीक उसी तरह देख सकते हैं जैसे आप वास्तविक पासा घुमा रहे थे।

  • अगर आप कई प्रकार के डाइस (एक 20-पक्षीय, एक छह-पक्षीय, आदि) के साथ खेल खेल रहे हैं, तो आप प्रत्येक रोल के लिए द्वितीयक डाइस कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं। बस साइड्स की संख्या बदलें।

अंत में, आप अपने गेम बना सकते हैं या विवादों को निपटाने के लिए डाइस रोल का उपयोग कर सकते हैं।आप हमारे एप्लिकेशन का उपयोग करके प्रत्येक रोल को जितना चाहें उतना जटिल या सरल बना सकते हैं।